Akbar birbal stories / अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से

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akbar birbal stories

आज कल के दोर में इंसान इतना वायस्थ है की वह मुस्कुराना भूल ही गया है टी.व् सीरियल जैसी जिन्दी होगयी है जो के टीवी तक ही बंद कर रह गयी है तो आप के मनोरंजन के लिए आज हम आपके लिए २ ऐसे पुरूषो की चटपटी कहानिया के लेकर आये है जिनका नाम अकबर और बीरबल है (akbar birbal stories in hindi ) मुग़ल संतान के सम्राट अकबर और नौ रत्नो में से एक बीरबल की चटपटी कहानी आपको हँसा हँसा कर आपका मनोरंजन करेंगे और जो आप को कहि दिनों तक यद् रहेंगे

 Akbar birbal ke majedar kisse – अकबर बीरबल के मजेदार किस्से

जख मार रहे है

Akbar birbal ke majedar kisse -एक बार की बात है जब अकबर और बीरबल दोनों घूमते घूमते यमुना तट पहुंचे वह उन्होंने एक मछवारे को मछली पकड़ते हुए देखा मछवारे को देख उनको भी मछली पकड़ने का शोक चढ़ा वे कांटा ले मछली मरने लगाए  और अचानक बीरबल को अकबर की बेगम का सन्देश आया और उन्हें जाना पड़ा वह बोली के बीरबल कहां है तो वे बोले जख मार रहे है ऐसा सुन बेगम बीरबल से नाराज हुई/ बादशाह बीरबल के महल लौटने पर बेगम ने उन्हें अकबर की कहि बात सुनाई

और ऐसे बात करने की गुस्ताखी पर बीरबल को दंड देने का निर्णेय लिया / और अनपे लिए बीरबल द्वारा ऐसा शब्द सुनकर वह गुस्से से तिलमिला उठे तभी बेगम ने और नमक छिड़क दिया / अपने बीरबल को कुछ ज्यादा ही सर पर चढ़ा रखा है यह सुनकर उनका क्रोध और बढ़ गया और उनकोने अपने सिपायो से बीरबल को पेश करने का आदेश दिया /और सिपाही ने उसे हाजिर किया बीरबल को देख अकबर ने पुछा के आज तुमने बेगम से क्या कहा बीरबल आज कल तुम बहुत ज्यादा ही जबान चला रहे हो /

बीरबल ने शांति होकर उतर दिया के बादशाह जख मार रहे है अकबर ने खा जख का मतलब संस्कृत के है मछली और मैंने बेगम से वही खा यह सुन कर अकबर और बेगम का गुस्सा तोरण ठंडा होगया और वे दोनों बीरबल से प्रसन होगये क्योंकी इस कुछ गलत नहीं

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> पूर्णिमा का चाँद :

 

Akbar birbal ke majedar kisse – एक दिन जरूरी काम से बीरबल को काबुल जाना पड़ा जब वह पहुंचे तोह लोगो उनको देख हैरान हुई और ौंके बारे में जानने का प्रयास करने लगे /जब लोगो ने खोज की तोह उन्हें पता लगा की वे दिल्ली से है और उनकी खबर इनके देश के बादशाह हो दी तोह उन्हें तुरंत बुलाकर पूछा गया की वे कौन है तब उन्हों ने बताया की ये एक यात्री है

वे नए देशो में घूमना पसद करते है काबुल का बादशाह बोले के अगर तो देशो में घूमता है तो बोल क्या और कोई हमारे जैसा बादशाह देखा है बीरबल बोले के महाराज आप तो पूर्णिमा के चाँद है और हमारे बादशाह दूज के सामान /

यह सुन कबूल का बादशाह अति प्रसन हुआ और उन्हें चोर्ने का निर्णय बनाया तथा अपनी सभा में बैठने का मौका दिया और उन्हें सभा के बाद वस्त्र, भूषण उपहार में दिए और और बहुत इज़त से विदा किया
जब वे दिल्ली लूटे तोह उन्हों ने कबूल के दास्ताँ घरवालों को बताई तो वह बात फैलते हुए दुश्मनो तक पहोची और उन्होंने अकबर को बताया /

अगले दिन जब दरबार बरगया तब अकबर ने बीरबल से पोछा के कबूल की सारी खबर दो /तब बीरबल ने चाँद से लेकर उपहार तक की सारी बात बताई और अकबर ने उनसे ऐसा बोलने का कारण पुछा ?

तब बीरबल से बोलै की सरकार मैंने ऐसा इसलिए खा क्युकी पूर्णिमा का चाँद कितना ही बड़ा क्यों न हो उसकी मान्यता काम होती है और वे दूसरे दिन ही छुपने लगता है अपितु दूज का चाँद छोटा होता है पर उसके दर्शन हिन्दू और मुस्लमान दोनों ही प्रेम से करते है मुसमानो के महीनो की शुरुवात दूज के चाँद से होती है सब नुकर लोग अपने काम की शुरुवात उसे देख करते है वह हर दिन बरता है तो आप ही बताइये के में आपको पूर्णिमा का चाँद कैसे बता सकता था यह बात सुनकर कर अकबर ख़ुशी से झूम उठे

Akbar birbal stories in hindi

मोम का शेर

पुराने जमाने में बादशाह लोग एक दूसरे की बुद्धिमानता की परीक्षा लेते थे / (Akbar birbal stories )एक बार की बात है फारस के बादशाह ने अकबर की बुद्धिमानता की परीक्षा लेने के लिए एक शेर बनवाकर उसे पिंजरे में कैद करवादिया और उसे एक दूत के हाथो बादशाह अकबर के पास भिजवाया और शरत रख दी की बिना पिंजरा खोले इसे शेर को बाहर निकलना होगा और अगर नहीं खोल पाए तो उन्हें राज्य तियागना पड़ेगा /

इससे अकबर बहुत परेशांन होगए और सोचने लगे के किस प्रकार किया जाये और उस समय वह बीरबल भी मौजूद नहीं थे और कोई भी दरबारी से उसका हम न निकला तभी बीरबल वह आ पहोचे और उनके सामने यह प्रश्न रखा तोह उन्हों ने शेर को देखा और एक गरम लोहे की तआर से शेर को गायब कर दिया

कारण ये था की शेर मोम से बना हुआ था और बीरबल ने उसे पेचान लिया था ऐसा देख फारस के राजा दांग रह गए और अकबर बादशाह को बहुत प्रसन्ता हुए

और पड़े……बद्रीनाथ और केदार नाथ से जुड़ी एक भविष्यवाणी